रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि नए पाठ्यक्रम को तैयार करने में ग्लोबल कमीशन, एयरबस, सफरान और जीएमआर स्कूल ऑफ एविएशन की अहम भूमिका है. ईएनएसी फ्रांस और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड भी जल्द ही इसमें शामिल होने वाले हैं.