मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि प्रो. चतुर्वेदी का पूरा जीवन सेवा, संगठन और कार्यकर्ताओं के लिए समर्पित रहा। उन्होंने 1965 में प्रोफेसर पद से त्यागपत्र देकर राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और जीवनपर्यंत उसी मिशन पर कार्य करते रहे।