राजस्थान में आने वाले दिनों में अब वृद्धजन भी पढ़ाई करते हुए नजर आएंगे। 15 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के 35 लाख असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ शुरू किया जा रहा है।