राजस्थान हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया कि भले ही किसी वादी के पास कई कानूनी उपाय मौजूद हों, लेकिन एक बार जब वह किसी एक उपाय को चुनने का फैसला कर लेता है तो वह फैसला उसे उसी मामले में किसी दूसरे समानांतर…
“दो नावों की सवारी नहीं कर सकते”: राजस्थान हाईकोर्ट ने संज्ञान लेने और आरोप तय करने को दी गई समानांतर चुनौती खारिज की




