बीकानेर और कोटा के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत, स्वास्थ्य मंत्री के विवादित बयान और प्रदेश में नकली दवाओं के मामलों ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्रग विभाग ने तीन साल में दर्जनों मामलों में कार्रवाई की है।