ना दोस्त, ना मोबाइल। किताबों को अपना दोस्त बनाया। इसकी बदौलत 10वीं की परीक्षा में 98.50 अंक हासिल किए। चित्तौड़गढ़ के तुषार ने पढ़ाई के साथ पिता मनोज सुथार का वेल्डिंग के काम में भी हाथ बंटाया। घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने पर पिता ने सरकारी स्कूल में...