कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान और इरादों में जान हो, तो किस्मत की लकीरें भी रास्ता बदल लेती हैं। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी है गुड़ामालानी क्षेत्र के पीपराली गांव के सवाईराम माचरा की। महज 20 साल की उम्र में तृतीय श्रेणी शिक्षक बनकर सवाईराम ने साबित कर...


