शहीद पति की मूर्ति देखते ही वीरांगना खुद को रोक नहीं पाई। प्रतिमा से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगी। कैसे जैसे वहां मौजूद लोगों ने उसे संभाला। वहीं 70 साल की दादी भी अपने पोते की मूर्ति देखते ही ‘म्हारो पवन’ कर रोने लगी। यह नजारा देखकर वहां मौजूद लोगों...