मुहर्रम के अशूरा पर अजमेर में एक बार फिर इतिहास जीवंत हो उठा। अंदरकोट क्षेत्र में सैकड़ों लोगों ने हाथों में नंगी तलवारें लेकर हाईदौस खेला और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धापूर्वक याद किया।