नमस्कार, मोदीजी का मुखौटा लगाए हुए एक चोर CCTV में कैद हो गया। कविराज ने अशोक गहलोतजी को कविता सुनाई, जिसका उनवान यानी शीर्षक था- जब से आए गए हैं। अजमेर और नावां के अस्पतालों के हालात देखकर लगता है कि ढर्रा सुधरा नहीं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही...