तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण ने कहा है कि मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि अपनी अजीत आत्मा, कषाय और अनियंत्रित इन्द्रियां हैं। इन पर संयम और विजय प्राप्त करने का सतत प्रयास ही वास्तविक साधना है। वे राजसमंद के जैन विश्व भारती परिसर स्थित विशाल...



