भीलवाड़ा में भारी बारिश के बाद 35 साल बाद आस पहाड़ का प्राकृतिक झरना पूरे वेग से बह निकला। कई क्षेत्रों में जलभराव हुआ, जबकि किसानों को खरीफ फसलों के लिए बड़ी राहत मिली।