राजस्थान में मानवता और मुस्तैदी की एक ऐसी मिसाल पेश की गई है, जिसने न केवल एक परिवार की खुशियां बचाईं, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि सही समय पर मिली मदद किसी के लिए ‘संजीवनी’ बन सकती है।