जैन धर्म के प्रमुख सिद्धांत कर्मवाद पर के बारें में बताया कि दुनिया में कर्म जैसा निष्पक्ष कोई नहीं है। व्यक्ति चाहे छोटा हो या बड़ा, राजा हो या रंक, हर किसी को अपने किए कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है। सुधर्मा सभा में आयोजित मंगल प्रवचन के दौरान...