दोनों पैरों से दिव्यांग होने का दर्द क्या होता है, इसे झुंझुनूं जिले के बुडाना निवासी राकेश कुमार सिरोवा ने बेहद करीब से महसूस किया है। एक समय था जब वे भी आम दिव्यांगों की तरह सरकारी योजनाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर काटा करते थे। लेकिन साल 1999 में...
खुद दोनों पैरों से दिव्यांग, 435 को स्वावलंबी बनाया 8 पैरालिंपिक खिलाड़ियों को विदेश खेलने में मदद की


