संत-महंतों के सम्मान, पूजा-अर्चना और गुरु रविदास जयंती से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय कर सामाजिक और चुनावी संदेश देने की तैयारी में है।