राजस्थान कांग्रेस में डोटासरा, गहलोत और पायलट खेमों की सक्रियता खुलकर सामने आ गई है। बयानबाजी, सोशल मीडिया और यूथ कांग्रेस चुनावों ने निकाय-पंचायत चुनाव से पहले गुटबाजी बढ़ा दी है।