शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि प्रतियोगिताओं के आयोजन, खिलाड़ियों के चयन और निजी बैडमिंटन अकादमियों को अनुमति देने जैसे मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जाती। खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव बनाने तथा कुछ लोगों को विशेष लाभ पहुंचाने के आरोप भी लगाए गए हैं।