मुक्तिधाम में राजकुमार जैन के बेटे मयंक ने पिता को मुखाग्नि दी। उसके कांपते हाथ और नम आंखें वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए इस हादसे की भयावहता बयां कर रही थीं। विजय जैन और आदी जैन का अंतिम संस्कार उनके परिवार के बड़े बेटे ने किया।