CAG रिपोर्ट में राजस्थान के वित्तीय प्रबंधन की कमजोरियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गहलोत सरकार की 25 बजट घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं, जबकि भजनलाल सरकार के दौरान ₹8,409 करोड़ का अतिरिक्त बजट मंजूर होने के बावजूद मूल बजट का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हुआ।