-निरंजन परिहार राजनीति में बयान कभी सिर्फ बयान नहीं होते. वह संकेत होते हैं. संदेश होते हैं और कई बार सीधे वार भी. लेकिन अशोक गहलोत राजनीति के धुरंधर रहे हैं. आम तौर पर वे सीधे वार नहीं करते. इस बार भी नहीं किया. सिर्फ बेटों के सत्ता में दखल...