चकली बेरा भीलों की ढाणी में बच्चों की पढ़ाई को लेकर शिक्षक नारायण लाल जीनगर ने अनोखी पहल की. ‘अपनी ढाणी-अपना स्कूल’ की सोच के तहत शिक्षा को स्कूल की चारदीवारी से बाहर निकालकर बच्चों के घर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया.