राजस्थान के कोटा की 15 साल की तन्वी को बचपन से दिल की गंभीर बीमारी थी. 13 सालों तक एम्स दिल्ली में दवाओं से इलाज चलता रहा. परिवार का आरोप है कि समय पर उचित इलाज न मिलने से उनकी बेटी की जान गई है.