अरावली को लेकर विवाद की जड़ सुप्रीम कोर्ट के 20 नवंबर 2025 के फैसले में है। तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञ समिति की ओर से सुझाए गए ऊंचाई आधारित मानदंड को मंजूरी दी थी।