राजस्थान में निकाय चुनावों के दौरान राजनीतिक दल अपने पार्षदों और प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी में जुटे हैं। होटलों और रिसॉर्ट्स में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह कदम विरोधियों से ज्यादा अपनों पर अविश्वास को दर्शाता है, जिससे लोकतंत्र का मजाक बन रहा है।