जैसलमेर के पोखरण रेंज में आयोजित इस कार्यक्रम में युद्ध तकनीक के बदलते स्वरूप की झलक देखने को मिली। स्वदेशी UAVs, काउंटर-UAS और वन-वे अटैक ड्रोन ने ड्रोन युद्ध की बढ़ती अहमियत को उजागर किया।