राजस्थान की निकाय की राजनीति के नियम 2019 में बदले गए थे। नए नियम के अनुसार मेयर, सभापति या पालिकाध्यक्ष बनने के लिए वार्ड का चुनाव जीतना जरूरी नहीं है। इस नियम के चलते राजस्थान में बहस छिड़ चुकी है। आइए इस बारे में विस्तार से समझने के लिए पढ़ते...