जाट आरक्षण आंदोलन के नेता पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और आरक्षण संघर्ष समिति संयोजक नेम सिंह फौजदार के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों ने आंदोलन में अपनी भूमिका, पुराने राजनीतिक संबंधों और आरक्षण के मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर सवाल उठाए।