राजस्थान में 1960 के दौर में पंचायती राज चुनाव बेहद अनोखे होते थे। न EVM थी, न पर्ची और न ही प्रचार का शोर। 96 वर्षीय हरिश्चंद्र और 85 वर्षीय बनवारीलाल के अनुसार, चौपाल में हाथ उठवाकर या मैदान के बीच रस्सी बांधकर उसके दोनों तरफ मतदाताओं को खड़ा करके...