राजस्थान से लगे सीमावर्ती गांवों में सिंथेटिक (नकली) दूध का जानलेवा कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। इसे रोकने की असली जिम्मेदारी जिला प्रशासन और खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की थी, लेकिन उनकी घोर सुस्ती के बीच पुलिस ने मोर्चा संभाला है।