फैक्ट्रियां बंद होने से कोराना जैसे दौर का डर सताने लगा है, जो मजदूर बचे भी हैं उनके एलपीजी घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने से खाने-पीने का भी संकट पैदा हो गया है.