केवल रोजगार के स्वरूप के आधार पर महिला संविदा कर्मचारियों को मैटर्निटी लीव देने से इनकार नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि रोजगार का स्वरूप—चाहे वह नियमित हो, अस्थायी (कैजुअल) हो या संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधारित—केवल इसी आधार पर किसी महिला कर्मचारी को मातृत्व लाभ (मैटर्निटी...