सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा कि आतंकवादी हिंसा और समाज की सामूहिक अंतरात्मा को झकझोर देने वाले अपराधों के मामलों में भी संवैधानिक सुरक्षा और आपराधिक न्यायशास्त्र के स्थापित सिद्धांतों से समझौता नहीं किया…
‘आतंकवाद से जुड़े मामलों में भी संवैधानिक सुरक्षा और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को कम नहीं किया जा सकता’: सुप्रीम कोर्ट




