जावरमाइंस क्षेत्र के रवा, रेला और पाड़ला गांवों में सीमित संसाधनों और नंगे पैर अभ्यास के बावजूद बच्चे फुटबॉल में नई पहचान बना रहे हैं। समर्पित शिक्षकों के प्रयास से कई खिलाड़ी जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुके हैं।