ब्लीडिंग रोकने के लिए महिला को करीब 10 से 12 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण पत्नी की हालत लगातार बिगड़ती गई।