राजस्थान में पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। जिस सरपंच पद का मासिक मानदेय मनरेगा मजदूर की दिहाड़ी से भी कम मात्र 7,346 रुपये है, उसे पाने के लिए दावेदार करोड़ों का दांव लगा रहे हैं।