राजस्थान की तपती रेत पर जब कमायचा और रावणहत्था के तार छिड़ते हैं तो एक ऐसी प्रेम कहानी गूंजती है जो सदियों बाद भी अमर है। यह कहानी है ‘ढोला-मारू’ की। इस प्रेम कहानी को टटोलने दैनिक भास्कर अजमेर से 95 किलोमीटर दूर केकड़ी के ‘बघेरा’ और मध्य प्रदेश के...


