नमाना कस्बे में चल रही शिव कथा के पांचवे दिन महर्षि अत्रि और माता अनसूया का प्रसंग आया। कथावाचक राधे महाराज ने श्रद्धालुओं को बताया कि माता अनसूया अपने पतिव्रत धर्म, तप, त्याग और सेवा के लिए प्रसिद्ध थीं। उनकी पवित्रता तीनों लोकों में जानी जाती थी। उन्होंने कहा कि...



