गोपाल कृष्ण व्यास ने ऐसे नि:शुल्क परामर्श आयोजनों की प्रशंसा करते हुए ज्योतिष के महत्व पर चर्चा की वही गणेशी लाल जी वेदों के ज्ञान पर एवं संस्कृत शिक्षा को अनिवार्य बताते हुए ज्योतिष के ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया।