बन्टी वाल्मीकि ने कहा कि यह मार्ग लगभग 24 गांवों को श्रीगंगानगर शहर से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। सैकड़ों छात्र छात्राएं इसी मार्ग से विद्यालय एवं महाविद्यालय पहुंचते हैं।