राजस्थान में एक बाड़े के भीतर पाले गए गोडावण के दो चूजों को पहली बार जंगल में छोड़ा गया है. अब निगरानी के जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि इंसानों की देखरेख में पले ये पक्षी प्राकृतिक माहौल में खुद को बचाकर रह सकते हैं या नहीं