बेटे को फूल की तरह पाला था, कभी एक चांटा भी नहीं मारा। उसे अंधेरे से डर लगता था, वह घर से दूर क्यों जाएगा। पुलिस कहती है घर चले जाओ, काम-धंधा करो। घर जाते हैं तो उसके खिलौने, उसकी साइकिल देखकर रोना आ जाता है। 3 साल से दिवाली...