दौसा शहर के नागोरियान मोहल्ले के रहने वाले इरफान खान की परेशानी सुनकर शायद कुछ देर के लिए कलेक्टर कार्यालय में मौजूद लोगों को भी यकीन नहीं हुआ। इरफान अपनी बंद पड़ी वृद्धावस्था पेंशन को चालू कराने के लिए लंबे समय से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे।
मैडम, मैं जिंदा हूं… कागजों ने मार दिया; बुजुर्ग की बात सुन हैरान रह गईं दौसा कलेक्टर सौम्या झा



