पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में कांग्रेस ने सचिन पायलट को ऐसे समय पर मैदान में उतारा है, जब पार्टी के सामने संगठन को मजबूत करने, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने और चुनावी रणनीति को धार देने की बड़ी चुनौती है।




