देश में रैगिंग के 38 प्रतिशत मामले मेडिकल छात्रों से जुड़े हैं। साल 2022 से जुलाई 2026 तक 4,827 मामले सामने आए। रैगिंग से जुड़ी 51 मौतों में 45.1 फीसदी मामले मेडिकल कॉलेजों के हैं।