जयपुर में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा- स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को अलग-अलग भाषाएं सीखने का अवसर मिलना चाहिए। यह केवल मराठी या राजस्थानी भाषा तक सीमित नहीं होना चाहिए। आज की दुनिया में किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसके क्षेत्र या प्रदेश तक सीमित नहीं है।...



