वन्यजीव शोधकर्ता प्रो. महेश शर्मा का दावा है कि राजस्थान का पहला टाइगर रिलोकेशन 2008 में नहीं, बल्कि 1928 में मेवाड़ के डूंगरपुर में हुआ था।