महापौर चुनाव में राजबाला हिंगड़ ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान संभाला। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस के लिए यह नतीजा बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पार्टी के पास संख्या बल होने के बावजूद महापौर पद हाथ से निकल गया।