Jalore Human Story : जालोर के भंवरानी गांव में जीवन के करीब 7 दशक साथ गुजारने के बाद दरगाराम प्रजापत और उनकी पत्नी पुनीदेवी ने अंतिम सफर भी एक साथ ही तय किया। एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।