मिर्जापुर द मूवी का बैकड्रॉप और किरदार आदि पहले से ज्ञात है. ऐसे में रिस्क कम नहीं था. क्या एक लंबी कहानी महज 3 घंटे में दर्शकों को संतुष्ट कर पाएगी? समझते हैं डायरेक्टर इस कसौटी पर कितना खरा उतरे.